नेलपॉलिश

नेलपॉलिश पर अधिकार किसका है ? क्या आप मुझें बता सकते हैं? साड़ी, स्कर्ट टॉप, लिपस्टिक पर अधिकार किसका क्या आप मुझें बता सकते हैं ?  
हाँ! शायद आप बता सकते हैं क्योंकि आपने यह तय किया हुआ है. आपने यह सिस्टम बनाया हुआ है। क्योंकि समाज के ठेकेदार तो आप ही हैं ना ? 
बहरहाल आपसे उम्मीद भी क्या की जा सकती है इसके अलावा , ख़ैर! सुनिए ये चीज़ें आप जिसके लिए सोच रहें हैं ना , आपके अनुसार वो दरअसल लड़की के लिए बनी है। लेकिन यहाँ गुरु सिस्टम एकदम आपकी ऐसी तैसी कर देगा समझे आप ? 
नहीं समझे! तो सुनिए "ई जो तोहार सिस्टम है ना मर्द अऊर औरत वाला पहिले तो एकर फाईल निकार के एहमें आग लगावा" बड़ी अजीब विडंबना है समाज के ढांचे की अऊर ई हमरो मन में बचपने से जउन चिप फिट रहल है उ बड़ा बवाली है रे बाबा! इहा आवे के बाद सारा सिस्टमें हैंग कर गया एकदम सब लुल्ल हो गया है। कितना भ्रम है संसार में कितने कायदे हैं। यहाँ की संस्कृति एकदम अलग है ,आजकल मैं लगातार इस प्रश्न के कटघरे में ख़ुद को खड़ा पा रही हूँ हर दूसरे दिन की नेलपॉलिश ये लड़का क्यों लगाया है? क्या ये गेय है ? मुझें ये बातें हर दूसरे दिन सुनने को मिलती हैं। मैं ये बताना चाहती हूँ कि, इस देश में कोई लड़का या लड़की नहीं है. सब इंसान है सबके अपने तौर तरीके हैं. अपना लाइफस्टाइल है यहाँ पर दोनों के अलग -अलग कैटेगरी नहीं है। किसी के ऊपर कोई ठप्पा नही लगाया गया है। मैनें यहाँ काफ़ी सारे लड़कों को नेलपॉलिश लगाते हुए देखा है और उसपर हमने बात भी की है क्योंकि उनको अपने खाली समय में नेलपॉलिश लगाना अच्छा लगता है तो वो लगाते हैं। इसमें hawww करने जैसी कोई बात तो मुझें महसूस नही हुई आपको क्यों हुई ये आप जानिए। यहाँ मैंने सड़क पर स्कर्ट टॉप पहले लिपस्टिक लगाए गाना गाते हुए तमाम लड़के देखें हैं। मुझें तो कुछ अजीब नहीं लगा फिर आपको क्यों? 
ये सारी चीज़ें इंसान के लिए हैं किसी जेन्डर के लिए नहीं हैं इसको एक नए नजरिये से समझिये और एक्सेप्ट करने की कोशिश कीजिए। 
©स्वधा त्रिपाठी

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